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- बहुमुखी प्रतिभा के धनि योगाचार्य जी का जन्म उत्तेर प्रदेश के देवरिया जिले के ग्राम श्री नगर ,गौरी ठाकुर में सन १९६९ में हुआ। वहीँ से विज्ञानं में स्नातक की पढ़ाई करने के बाद मुंबई से इलेक्ट्रो होमियोपैथ में स्नातक एवं परास्नातक के साथ प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद पांच वर्षो तक अध्यापन के बाद प्रैक्टिस करने लगे। आपके प्रिय मित्र डॉ संजय सिंह के माध्यम से आपका सम्पर्क गुरुदेव जी से हुआ। गुरूजी की कृपा से मानव जीवन के मूल्य को समझने का सौभाग्य मिला। वहीँ से योग का ज्ञान तथा मानवता के सेवा की प्रेरणा मिली , तभी से योग के माधयम से मानवता की सेवा में लगे हुए हैं। अभी तक हजारो योग शिविरों के माध्यम से लाखो लोगो का डॉयबिटीज़,मोटापा ,जोड़ो का दर्द ,हाई ब्लड प्रेशर ,कैंसर जैसे अनेक बिमारियों के उपचार में सहयोग किया है। योग एवं समाज सेवा के कार्यों को संचालित करने के लिए समाज सेवा संस्था "श्री अवधूत योग सेवा प्रतिष्ठान की स्थापना करके उनके निर्देशन में एक यो आश्रम बनाने के पथ पर अग्रसर है। योग एवं चिकित्सा के अनुभव के आधार पर लोगो के स्वास्थय रक्षा हेतु सतत प्यास में लगे हुए है।
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- वर्तमान में योग परिवार के प्रशिक्षक एवं मित्रो के सहयोग से कई स्थानों पर निशुल्क योग शिविरों का सफल सञ्चालन हो रहा हैं। जिससे अनेको लोग लाभान्वित हो रहे हैं। पहला सुख निरोगी काया। भारतीय योग विज्ञानं युगो युगो से मानव को शारीरिक ,मानसिक ,आध्यात्मिक एवं आत्मिक सभी तरह से अपने सर्वश्रेठ रूपों में प्रस्तुत करता हैं इसीपरंपरा को आगे बढ़ने के उदेश में डॉ साहब लगे हुए हैं।